
आप गए नहीं... बस दिखते नहीं।
बीत गये कितने बरस,
लगता है जैसे कल की बात है,
आप दूर नहीं,
कहीं हमारे आस पास हैं,
देख नहीं सकते तो क्या हुआ
आपके होने का एहसास ही काफी है,
आपका दिया प्यार और सम्मान,
आपको भूलने के लिए नाकाफी है।
तुम सो गए... हमारी रातें जागती रहीं
तुम तो सो गये,
न जाने कहाॅ खो गये,
आ गयी मीठी नींद तुमको,
हमारे तो नयन सूने हो गये।
आप गए नहीं... बस सपनों में मिलने लगे
अलविदा न कहें कभी अपनों से,
जाने वाले सपनों में ही सही,
मिलने तो आते हैं कभी अपनों से।
हम सब आपको श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।
मुस्कानों में ज़िंदा हैं अपने
दिलों में गम को न जगह दीजिये,
अपने जो चले गये उन्हें हॅस के याद कीजिये,
कुछ तो पास होंगी अच्छी यादें,
खुद भी मुस्कुराइए,
और जाने वाले को भी मुस्कुराने की वजह दीजिये।